भाषा सारथी सम्मान
हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार, संवर्धन एवं विकास के लिए कार्यरत व्यक्तित्वों को सम्मानित करने की परंपरा को सशक्त बनाने हेतु मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा वर्ष 2017 से एक प्रतिष्ठित हिन्दी सम्मान प्रदान किया जा रहा है। यह सम्मान उन व्यक्तियों को समर्पित है जिन्होंने हिन्दी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं विस्तार में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
संस्थान का मानना है कि हिन्दी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, विचार और संवेदनाओं की वाहक है। इसी भावना के साथ यह सम्मान हिन्दी प्रेमियों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों, पत्रकारों, शोधकर्ताओं, समाजसेवियों तथा सार्वजनिक जीवन में हिन्दी के प्रयोग और प्रतिष्ठा के लिए कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है।
यह सम्मान हिन्दी के विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा, साहित्य सृजन, हिन्दी प्रचार-प्रसार, भाषा सेवा, पत्रकारिता, सामाजिक जागरूकता एवं सार्वजनिक जीवन में हिन्दी के प्रभावी उपयोग के लिए दिए गए विशिष्ट योगदान को मान्यता प्रदान करता है। सम्मान का उद्देश्य केवल उपलब्धियों का अभिनंदन करना ही नहीं, बल्कि समाज में हिन्दी के प्रति समर्पण और सेवा की भावना को प्रोत्साहित करना भी है।
मातृभाषा उन्नयन संस्थान का विश्वास है कि हिन्दी की उन्नति तभी संभव है जब उसके लिए कार्य करने वाले समर्पित व्यक्तित्वों को उचित सम्मान और पहचान मिले। इसलिए प्रत्येक वह व्यक्ति जो हिन्दी भाषा के सारथी के रूप में कार्य कर रहा है, हिन्दी को अपनी प्रतिभा, समय और सेवाएँ समर्पित कर रहा है, इस सम्मान का अधिकारी है।
वर्ष 2017 से निरंतर प्रदान किया जा रहा यह सम्मान हिन्दी जगत में प्रेरणा, गौरव और समर्पण का प्रतीक बन चुका है। यह न केवल हिन्दी सेवियों के योगदान को रेखांकित करता है, बल्कि नई पीढ़ी को भी हिन्दी भाषा के उत्थान और विस्तार के लिए प्रेरित करता है।

